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युगों ने बदला ब्रह्माण्ड का स्वरूप सदियों ने तय किया इंसान का रूप परन्तु मैं वहीं हूँ जहां कालांतर में ...
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बहती हवाओं के मध्य खड़ी अस्थिर अनवरत प्रतीक्षा है आकाश ठहरा बादल एक नाव मेंहदी से सुर...
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पड़ जाये रंग थोडा फीका नीले आसमान का हो जाये मंद गति तेज चलती हवाओं की थोडा समंदर भी सूख जाये एक टुकड़ा चाँद का भी टूट जाये ...
